Back Pain : Cause, Symptoms and Prevention

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मानव शरीर मांसपेशियों , स्नायुबंधन , टेंडन , डिस्क और हड्डियों की एक जटिल संरचना से बना हुया है, जो शरीर का समर्थन करने के लिए एक साथ काम करते हैं ।

पीठ दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों, हड्डियों, टेंडन या डिस्क के इंटरकनेक्टेड नेटवर्क के किसी भी हिस्से के साथ कई समस्याओं के लिए हो सकता है।

पीठ या कमर दर्द की तकलीफ किसी को भी हो सकता है जिसके लिए कई सारे कारण को जिम्मेदार माना जाता हैं । हमें इस दर्द का शुरुआती लक्षण की जानकारी लेकर , समय रहते इसको रोकने का तरीका जानलेना चाहिए । तो आइए जानते हैं कमर दर्द के कारण, लक्षण और इसे कैसे रोका जाए इसके बारे में। [Wikipedia]

पीठ दर्द होने का कारण :

reasons back pain

1. चोट के कारण :

किसी भी दुर्घटना के कारण चोटें , और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर पीठ पर दबाव बनाते हैं ।

2. ऑस्टियोपोरोसिस :

Osteoporosis pain

ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डियों के घनत्व में कमी की के कारण होता है, जिससे हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। जिसके कारण दर्द महसूस होता है ।

3. अधिक वजन :

Overweight-back-pain

एक गतिहीन जीवन शैली व्यतीत करना जिसके परिणामस्वरूप अधिक वजन हो सकता है। अधिक वजन होने के कारण पीठ पर बहुत दबाव पड़ता है, विशेषकर रीढ़ पर। जिसके कारण पीठ दर्द शुरू होता है ।

4. भावनात्मक संकट और लंबे समय तक चिंता :

Emotional crisis


जब आप तनाव में होते हैं या लंबे समय तक चिंता से पीड़ित होते हैं तो आपकी पीठ की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और कस जाती हैं। इन मांसपेशियों के लंबे समय तक कसने के कारण दर्द हो सकता है।

5. ऑस्टियोआर्थराइटिस :

Osteoarthritis


ऑस्टियोआर्थराइटिस गठिया का एक एसा रूप है जो पीठ के निचले हिस्से में होता है , यह भी एक कारक है जो पीठ दर्द का कारण बनता है। यह हड्डी के जोड़ों में सूजन का कारण बनता है , अंत में हड्डी के जोड़ों के बीच उपास्थि को नुकसान पहुंचाता है । जिसके कारण उपास्थि समय के साथ खराब हो जाती है।

6. कटिस्नायुशूल :

Sciatica


कटिस्नायुशूल एक ऐसी स्थिति है जब दर्द नितम्ब तंत्रिका में जलन के कारण होता है। ज्यादातर मामलों में ये जलन एक हर्नियेटेड डिस्क या स्लिप्ड डिस्क के कारण होती हैं । हर्नियेटेड डिस्क या स्लिप्ड डिस्क तब होता है जब डिस्क का आंतरिक जेल वाला भाग आसपास के ऊतक से बाहर निकल जाता है और लाइन से बाहर निकल जाता है । जो पीठ दर्द का कारक बनता है ।

7. स्पाइनल स्टेनोसिस :

स्पाइनल स्टेनोसिस तब होता है जब रीढ़ में रिक्त स्थान कम हो जाता है, जिससे रीढ़ और तंत्रिकाओं पर जबरदस्त दबाव पड़ता है। इससे कमर दर्द होता है।

8. किडनी की समस्या :

Kidney problem

किडनी में पथरी या किडनी में संक्रमण के कारण पीठ या कमर दर्द हो सकता है।

9. नींद संबंधी विकार :

नींद की बीमारी वाले व्यक्तियों में पीठ के दर्द का अनुभव दूसरों की तुलना में अधिक होता है।

10. अन्यान्य कारण :

रीढ़ का कैंसर , रीढ़ का संक्रमण , लंबे समय तक खड़े रहना या बैठना , गर्दन को आगे की ओर तानना – जैसे कि वाहन चलाते समय या कंप्यूटर का उपयोग करना , लंबे टाइम तक ड्राइविंग करना पीठ दर्द का कारण बन सकता है ।

पीठ दर्द के लक्षण :

  • पीठ पर एक ही स्थान पर स्थानीय गंभीर दर्द
  • दिनों / हफ्तों में प्रगतिशील रूप से गंभीर दर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • लगातार तंत्रिका दर्द, दर्द या सुन्नता की अनुभूति, एक या दोनों पैरों में पिन और सुई
  • पैरों का कमजोर होना, चलने-फिरने में दिक्कत होना और चलने-फिरने में तकलीफ होना
  • मूत्राशय / आंत्र समस्याएँ जो पीठ दर्द से जुड़ी होती हैं (पेशाब में कठिनाई, जिसे असंयम भी कहा जाता है)
  • खराब स्वास्थ्य के सामान्य लक्षण जैसे भूख कम लगना, वजन कम होना, सुस्ती, बुखार और ठंड लगना

पीठ दर्द रोकने के कुछ उपाय :

Exercise
  • नियमित रूप से व्यायाम करें , जो आपकी पीठ को तनाव या झटका नहीं देता हो । आपकी पीठ में ताकत और मांसपेशियों के कार्यक्षमता को बढ़ाता है । इसके लिए चलना और तैरना अच्छे विकल्प हैं।
  • अधिक वजन होने से पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। इसलिए स्वस्थ भोजन को चुने जिससे आपके शरीर का वजन सही रहेगा ।
  • धूम्रपान ना करें और अगर करते है तो छोड़ने कि कोशिश करे । छोड़ने के तरीकों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
  • खड़े रहने के समय या बैठने के समय अपने शरीर के पोजीशन को सीधा रखे ।
  • भारी वस्तु उठाने से बचें। यदि आप कुछ भारी उठाते हैं, तो अपने घुटनों को मोड़ें और अपनी पीठ को सीधा रखें। इस तरह, आपके पैर की मांसपेशियां ज्यादातर काम करेंगा । जिससे पीठ दर्द की संभावना कम होगा।
  • अगर आप लंबे टाइम तक कुर्सी पर बैठ कर काम करते हैं तो एक घंटे बाद बाद उठकर थोड़ा टहल ले ।
  • विटामिन – बी , विटामिन – सी कैल्शियम और फास्फोरस से भरा हुआ आहार ग्रहण करें ।

 

** *पीठ दर्द से बचने के लिए आप यह उपाय अपना सकते लेकिन अगर ज्यादा दर्द महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।

 

 

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