Diaper Rash : Causes and Treatment

diaper rash causes and treatment

बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक और कोमल होते हैं । इसलिए माता-पिता को उनके त्वचा का खास ध्यान रखना चाहिए । बच्चों त्वचा में सबसे ज्यादा परेशानी नैपी रैशेज के कारण होती है । डायपर रैश के कारण बच्चों की त्वचा लाल होने लगता है और इस रेशेज से बच्चों को काफी तकलीफ होती है । [ Wikipedia ]

 

 डायपर रैश होने के कुछ कारण :

diaper rash

  • अगर आप बच्चों को लंबे समय तक एक ही डायपर में रखते हैं तो डायपर के मल मूत्र के कारण रैश होता है ।
  • डाइपर एरिया में पसीना जमने की वजह से भी रैस हो सकते हैं ।
  • यदि डायपर क्षेत्र को अच्छे से सफाई ना किया जाए तो भी रैश हो सकते हैं ।
  • डायपर वाली जगह को अच्छे से मॉइश्चराइज करना चाहिए मॉइश्चार की कमी के कारण भी रैश निकल आते हैं ।
  • यीस्ट इंफेक्शन भी रैश का कारण बनते हैं ।

 

डायपर रैश से बचने के कुछ घरेलू उपाय :

यहां हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय के बारेमे बताने जा रहें है जिनसे आप अपनेउसं बच्‍चों को डायपर से होने वाले रैशेज से आराम दिला सकते हैं ।

1. मां का दूध :

मां का दूध बच्‍चें के लिएं दवा कि तरह काम करता है । यह हर दर्द के इलाज के लिएं जाना जाता है। बच्‍चें के रेशेज से छुटकारा पाने के लिए मा का दूध लगाया जा सकता है । रेशेज वाली जगह पर ब्रेस्‍ट मिल्‍क की कुछ बूंदे लगा दें इससे बच्‍चें को कुछ हद तक राहत मिलेगी ।

2. विनेगर :

टॉयलेट में पीएच का मात्रा बहुत अधिक होने के कारण बच्चों के शरीर के निचले हिस्से में जलन होती है । इस जलन को कम करने के लिए विनेगर का इस्तेमाल करे । अगर आप कपड़े का डायपर इस्तेमाल करते हैं तो उसे विनेगर के सलूशन में भीगा लें। (आधे बाल्टी पानी में आधा कप विनेगर का मिश्रण) ओर अगर आप डिस्पोजेबल डायपर का इस्तेमाल करते हैं तो बेबी के डायपर एरिया को विनेगर के हलके सलूशन से साफ़ करना न भूलें । इससे इन्फेक्शन का खतरा नहीं होता है ।

3. पेट्रोलियम जेली :

बच्चे के डायपर एरिया को सुखा और साफ़ रखने की कोशिश करे । बच्चे के डायपर एरिया को गर्म पानी और सूखे कपडे से साफ़ करके उसपर पेट्रोलियम जेली लगाएं । पेट्रोलियम जेली बच्चे को टॉयलेट या पॉटी के दौरान जलन होने से बचाता है । इस प्रक्रिया को आप बेबी के डायपर बदलने के वक्त हर बार दोहरायें।

4. नारियल का तेल :

नारियल के तेल में एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं , जो बच्चे के शरीर पर फंगस या माइक्रोबियल इन्फेक्शन होने से रोकता है । आप डायपर एरिया में नारियल तेल दिन में कई बार लगा सकते हैं । इसके अलावा आप बच्चे की नहाने के पानी में नारियल तेल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं , त्वचा में नमी बनी रहेगी और जिससे त्वचा में रैश नहीं हो पाएगा ।

5. एलोवेरा :

डायपर की जगह को साफ और सूखा करके बच्‍चें की त्‍वचा पर एलोवेरा जैल को लगाएं । याद रखें , इसके लिए एलोवेरा की पत्ती में जो जेल मौजूद रहता है सिर्फ उसी का इस्तेमाल करें । इससे त्वचा को ठंडक मिलेगी और दर्द से भी आराम मिलेगा ।

6. बेकिंग सोडा :

बेकिंग सोडा में मौजूद तत्व डायपर रैश के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है । 4 कप पानी में 2 चम्मच बेकिंग सोडा डाल के एक मिश्रण तैयार करें , अब इस मिश्रण से बच्चे के शरीर के निचले हिस्से को साफ़ करें ।

7. गर्म पानी :

5 कप गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक मिला लें , अब एक साफ सूती के कपड़े को उस पानी में डुबाए ओर जहां बच्‍चें को रेशेज है वहां लगाएं । कुछ देर के लिए सूखने दें , फिर रेशेज क्रीम लगा दीजिए ।

8. खुली हवा में छोड़े :

हम सब जानते हैं कि छोटे बच्चों की त्वचा कितने सेंसिटिव और नरम होते हैं , अगर पूरा दिन बच्चों को डायपर पहनाया जाए तो उनके नाजुक अंगों तक सही तरीके से हवा नहीं पहुंच पाता । दिनभर डायपर में पसीने और हवा की कमी के कारण रेशेज हो जाते है । इसलिए बच्‍चों की त्वचा को साफ करके कुछ देर के लिए खुली हवा में छोड़े ।

 

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